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उत्तराखंड में नहीं हो पाया निर्भया फंड का इस्तेमाल, यह जिला सबसे ज्यादा पिछड़ा  

दिल्ली के निर्भया मामले के बाद निर्भया फंड के साथ राज्य सरकार ने निर्भया प्रकोष्ठ का भी गठन किया लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि उत्तराखण्ड में निर्भया फंड का 50 फीसदी भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है।

निर्भया फंड

आपको बता दें कि केंद्र सरकार राज्य के 5 ज़िलों के लिए निर्भया फंड दिया जाता है जिसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर शामिल हैं। जिसमें लड़कियों के लिए सेल्फ़ डिफ़ेन्स प्रोग्राम, अवेयरनेस प्रोग्राम से लेकर ज़िला स्तर पर मीटिंग तक के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट दिया जाता है।

महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग

उत्तराखण्ड में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग पिछले वर्ष का ही बजट नहीं खर्च कर पाया है। जिनमे सबसे अधिक खराब स्थिति हरिद्वार की है। जहां 6.70 लाख में से सिर्फ़ 1.60 लाख रुपए का ही फण्ड इस्तेमाल किया गया है। अल्मोड़ा में भी 3.89 रुपए इस्तेमाल किये गये हैं। बागेश्वर ज़िले में पूरे 6.70 लाख रुपए का खर्च किया गया है।

यूटिलाइज़ेशन सर्टिफ़िकेट

महिला सश्क्तिकरण एंव बाल विकास विभाग की सचिव सौजन्या का कहना है कि बागेश्वर में निर्भया फंड का 100 प्रतिशत खर्च कर लिया गया है और वहां से यूसी (यूटिलाइज़ेशन सर्टिफ़िकेट) मिल गया है जिसके आधार पर केंद्र सरकार से दूसरी किस्त की मांग की गई है।

महिला राज्य मंत्री मौजूद

यह हालात तब के हैं जब विभाग में महिला राज्य मंत्री मौजूद हैं और राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर कई दावे किए जाते हैं। जब तक पूरे वर्ष का खर्च नहीं दिखा पाए भारत सरकार द्वारा बजट रिलीज़ नहीं किया जाएगा।

 

 

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