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हम किसी के बेडरूम में नहीं झांक सकते … PORNBAN के विरोध में कभी सरकार ने ये भी कहा था

देश भर में 827 पोर्न साइट पर बैन लगने से सोशल मिडिया पर सरकार को काफी विरोध झेलना पड़ रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि जब अगस्त 2018 में पोर्न साइटों को बैन करने की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी तब इसी सरकार ने खुद आगे आकर इसका विरोध किया था।

10 अगस्त 2018 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि वह पोर्न पर प्रतिबंध के खिलाफ है। यहीं नहीं सरकार ने ये तक कह दिया था कि वो किसी के बेडरूम में नहीं झांक सकती है कि कौन पोर्न देख रहा है और कौन नहीं, इसलिए इसे बैन करने का कोई फायदा नहीं है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने 827 पोर्न साइटों के बंद करने के आदेश दिए हैं। भारत में Xvideos and Pornhub जैसी वेबसाइट अब बैन कर दी गई हैं।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2018 में अपना पक्ष रखते हुए यह कहा था कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी को छोड़कर वो पोर्नबैन के खिलाफ है।सरकार की ओर से कहा गया था कि पोर्न पर प्रतिबंध संभव नहीं है, यह निजता का हनन होगा। अगर कोई बंद कमरे में कुछ कर रहा है, तो उसपर प्रतिबंध संभव नहीं है।

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