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आखिर मायावती ने क्यों कहा, हिन्दू धर्म त्याग कर अपना लूंगी बौद्ध धर्म

आजमगढ़। आजमगढ़ में मंगलवार को बसपा मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी बहुजन समाज पार्टी ‘बसपा’ सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार 24 अक्टूबर को ने केंद्र और सूबे की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। रानी की सराय स्थित शंकरपुर चेकपोस्ट पर आयोजित रैली में भारतीय जनता पार्टी ‘भाजपा’ को ‘खुली चेतावनी’ दी। बसपा सुप्रिमो मायावती ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति अपनी सोच नहीं बदली तो वह हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लेंगी।

मायावती ने एक रैली में कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था के तहत दलितों और दबे-कुचलों गरीबों के साथ भेदभाव की परिपाटी को देखकर तत्कालीन शंकराचार्यों और संतों से मजहबी व्यवस्था की इन कमियों को दूर करने का आग्रह किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी कारण अम्बेडकर ने अपने निधन से कुछ समय पहले नागपुर में अपने अनुयायियों के साथ हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लिया था। इसके बावजूद हिन्दू धर्म की कमियों को दूर नहीं किया गया है।

 भाजपा को दी खुली चेतावनी

बसपा अध्यक्ष ने कहा, मैं भाजपा को खुली चेतावनी देती हूं कि अगर उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों तथा धर्मान्तरण करने वाले लोगों के प्रति अपनी हीन, जातिवादी और साम्प्रदायिक सोच नहीं बदली तो मुझे भी हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला लेना पड़ेगा।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा करने से पहले वह शंकराचार्यों, धर्माचार्यों तथा भाजपा के लोगों को अपनी सोच बदलने का मौका दे रही हैं। नहीं तो अंत में और उचित समय पर वह भी अपने करोड़ों अनुयायियों के साथ हिन्दू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म की दीक्षा ले लेंगी।

शब्‍बीरपुर में रची गई थी मेरी हत्‍या की साजिश थी 

मायावती ने भाजपा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जातिवादी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए हैदराबाद में रोहित वेमुला कांड और गुजरात में ऊना कांड कराने का आरोप लगाया। बसपा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी पर हाल में जातीय संघर्ष का शिकार हुए सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव में पहुंचने पर उनकी हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि इस जातीय संघर्ष के पीछे बीजेपी का राजनीतिक मकसद था। वहीं मायावती ने यह भी कहा कि जब मैं इस मामले को राज्यसभा में उठाने की कोशिश की तो बोलने नहीं दिया गया।

जिसके बाद मैंने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के बताए गए रास्ते पर चलते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। मायावती ने कहा कि भाजपा के लोगों ने दलित वोट में अपनी पैठ बनाने के लिये संघ से जुड़े एक दलित को राष्ट्रपति बना दिया। मजबूरी में कांग्रेस और विपक्ष को भी दलित को अपना उम्मीदवार बनाना पड़ा।

बसपा अध्यक्ष ने सीएम योगी पर कसा तंज

मायावती ने यूपी सरकार के मुखिया पर तंज करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को मंदिरों में पूजा-पाठ करने से फुरसत मिले तो वह प्रदेश का ध्यान रखें। उन्हें पूजा पाठ ही कराने से फुरसत नहीं। मायावती ने आयोजित पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन में आरोप लगाया कि वर्तमान सीएम पिछड़ेपन से गुजर रहे पूर्वांचल का प्रतिनिधि होने के बावजूद इस क्षेत्र को विकसित करने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मायावती ने हमला बोलते हुए कहा, वह ध्यान क्या रखें उनको मंदिरों में पूजा-पाठ से फुरसत तो मिले, कभी अपने गोरखनाथ मंदिर में, कभी अयोध्या में तो कभी चित्रकूट में। ऐसी स्थिति में पूर्वांचल तो छोड़ो पूरे प्रदेश का विकास नहीं हो सकता।

मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपाई अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिये अयोध्या, काशी और मथुरा में चाहे जितनी पूजा-पाठ क्यों ना करते रहें, लेकिन जनता उनकी धार्मिक भावनाओं के बहकावे में नहीं आने वाली। यह सच है कि भाजपा के राज में कभी भी नया भारत नहीं बन सकता। यह सिर्फ दिखावे की राजनीति करती है।

सपा के मुकाबले पिट चुकी है भाजपा सरकार

मायावती ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने वादों के सापेक्ष अभी तक कुछ खास नहीं कर सकी है। यह पिछली (सपा) सरकार से बुरी तरह पिट चुकी है। उन्होंने कहा पिछली सपा सरकार बेहतरीन नहीं थी, लेकिन यह योगी सरकार उससे भी ज्यादा पिछड़ चुकी है।

मायावती ने भाजपा के लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा ये लोग तरह-तरह की नाटकबाजी कर रहे हैं। हर तरफ धर्म और संस्कृति के नाम पर भय, दहशत, आतंक का माहौल बनाया जा रहा है। मुस्लिम तथा अल्पसंख्यकों को जीवन गुजारना मुश्किल हो गया है। तथाकथित गौरक्षकों के कारण मुस्लिमों ने गाय पालना छोड़ ही दिया है, हिन्दुओं ने भी इससे परहेज शुरू कर दिया है। सभी लोग बहुत ही ज्यादा डरा सहमा महसूस कर रहे हैं।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा आज देश के हालात वर्ष 1975 में लागू आपातकाल से भी ज्यादा खराब हो गए हैं उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण संवैधानिक संस्थाओं और मीडिया को कमजोर कर दिया गया है। मायावती ने आजमगढ़, गोरखपुर और वाराणसी मण्डल के कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, भाजपा ने अब तो राजनीतिक स्वार्थ में मीडिया तथा संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है। इन्होंने लोकतंत्र को ही काफी हद तक कमजोर कर दिया है। तानाशाही और मनमानी का राज चल रहा है।

बसपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में अब लोकसभा चुनाव और उससे पहले कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से भाजपा ने वर्ष 2014 की तरह ही देश के गरीब, असहाय और मध्यम वर्ग को गुमराह करना शुरू कर दिया है,

लेकिन उनकी सरकार के अनुभवों को देखते हुए भाजपा के ‘अच्छे दिन’ अब नहीं आने वाले हैं। अच्छे दिन का झांसा देकर इन्होंने जनता को छला है, धोखा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूरे देश को ही विपक्ष मुक्त बनाने के लिये सभी विरोधी पार्टियों को कमजोर करने, खत्म करने और तोड़ने के लिये सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर विभाग जैसी सरकारी मशीनरी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है।

नोटबंदी और जीएसटी से हुआ है नुकसान

मायावती ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अपने एक चौथाई वादे भी पूरे नहीं कर सकी। नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था काफी कमजोर होती जा रही है। पूरे देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई तथा कई गम्भीर समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं। जनता प्रदेश में जल्द होने वाले शहरी निकाय के चुनाव में और उसके बाद लोकसभा आम चुनाव में भी भाजपा उम्मीदवारों को करारा जवाब देगी।

चुनाव से पहले राममंदिर का निर्माण

उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा के चुनाव समय से पहले होने की संभावना व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा कि वादे पूरे करने में नाकाम रही भाजपा वोट लेने के लिये लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू करा सकती है।

मायावती ने मण्डल आयोग की सिफारिशें लागू कराने का श्रेय अपनी पार्टी को देते हुए कहा कि वर्ष 1989 में बसपा का समर्थन लेने के एवज में रखी गयी शर्त पर ही तत्कालीन प्रधानमंत्री वी पी सिंह ने मण्डल आयोग की सिफारिशों को अमली जामा पहनाया था। इसके अलावा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को ‘भारत रत्न’ से नवाजा था।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने आरोप लगाया कि उस समय भारतीय जनता पार्टी को यह सब अच्छा नहीं लगा और उसने समय से पहले ही वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया। जब मण्डल आयोग की रिपोर्ट लागू हुई तो भाजपा और संघ ने उसके खिलाफ हिंसक आंदोलन किया।

मायावती ने केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और पिछड़े वर्गों के लिये आयोग गठित करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हथकंडे के सिवा कुछ नहीं है। यह भाजपा सरकार देश व प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ कर रही अच्छे दिन का प्रलोभन देकर गुमराह कर रही है। आने वालों दिनों होने वालों चुनावों में जनता इसका सबक जरूर सिखाएगी।

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