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‘बैलिस्टिक हेलमेट’ के जरिए जवानों को मिलेगी बेहतर सुरक्षा, जानिए खासियत

नई दिल्ली। देश के जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहतर हेलमेट मुहैया कराया जा रहा है। हैलमेट को एमकेयू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तैयार कर रही है।

बैलिस्टिक हेलमेट, जवानों की सुरक्षा, बैलिस्टिक टेस्ट , एलओसी, एलएसी, टीबीआरएलजवानों को 7500 हेलमेट पहले भाग में मिले हैं। इनमें से 2500 हेलमेट संयुक्त राष्ट्र में तैनात सैनिकों को जारी किए गए हैं।

इन हेलमेट्स से सैनिकों को हल्के वजन के कारण तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ये ‘बैलिस्टिक हेलमेट्स’ बहुत हल्की और आरामदायक होंगे। लगभग 6000 हेलमेट बैलिस्टिक टेस्ट से गुजर रहे हैं। ये हेलमेट सैनिकों को 9 एमएम रेंज तक की गोलियों से बचाने में सक्षम हैं।

इससे जवानों को बेहतर सुरक्षा मिल पाएगी। पहले भाग में 1,58,279 की कीमत वाले इन हेलमेट्स को आर्मी, नेवी और संयुक्त राष्ट्र के सैनिकों के इस्तेमाल के लिए खरीदा जाएगा।

ये हेलमेट दो तरह के होंगे, सामान्य बैलिस्टिक हेलमेट और कमांड बैलिस्टिक हेलमेट। कमांड हेलमेट में हैंड फ्री कम्यूनिकेशन सेट लगा होगा। जवानों के पुराने हेलमेट में इस तरह की कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। नौसेना को कुल 13,981 बैलिस्टिक हेलमेट्स मिलेंगे।

सेना ने कहा है कि यह नियंत्रण रेखा (एलओसी), वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और काउंटर अटैक में शामिल कर्मियों और काउंटर टैररिज्म ऑपरेशन में शामिल सैनिकों के लिए जारी किया जाएगा। टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लैबोरेटरी (टीबीआरएल) में इन हेल्मेट्स की बैलिस्टिक प्रूफ़िंग की जा रहा है।

30, 000 हेलमेट इस साल सितंबर तक प्राप्त किए जाएंगे। साथ ही 2 साल में पूरे हेलमेट मिल जाएंगे। कुल मिलाकर 3,28,214 हेलमेट की जरूरत है।

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