राष्ट्रीय

छग : पुल घोटला मामले में सहायक इंजीनियर गिरफ्तार

बिलासपुर, 24 जनवरी (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित तुर्काडीह पुल घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी के अस्टिटेंट इंजीनियर (एई) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एई आरके वर्मा को उनके निवास बिलासपुर के रामावैली से गिरफ्तार किया गया है। वर्मा लंबे समय से फरार चल रहे थे।

वर्मा पर पुल में गुणवत्ताहीन निर्माण कराने का आरोप है। उनके खिलाफ 2016 में अदालत में चालान पेश किया गया था, जिसके बाद से वे अदालत में पेश नहीं हो रहे थे।

दरअसल, शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए तुर्काडीह बाईपास का निर्माण किया गया है। इस मार्ग में अरपा नदी पर पुल भी बना। वर्ष 2007 में पुल यातायात के लिए खोला गया। 7 वर्ष में ही पुल में दरार आ गई थी, जिसके बाद इस पुल पर तीन साल तक आवागमन रोक दिया गया था।

इस 3 करोड़ की लागत से बने पुल को दोबारा तैयार करने में भी 3 करोड़ की राशि लग गई थी। उच्च न्यायालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। एसीबी ने जांच कर तत्कालीन ईई एससी खंडेलवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्य प्रभारी अधीक्षण यंत्री, सब इंजीनियर आरके वर्मा और सुंदरानी कंस्ट्रक्शन के निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय में जनवरी 2017 को चालान पेश किया।

आरोपियों को अदालत में उपस्थित होने का नोटिस दिया था। नोटिस के बावजूद कोई भी आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर अगली सुनवाई में आरोपियों को पेश करने का आदेश दिया।

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