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एनजीटी ने अमरनाथ यात्रा पर दिए निर्देशों पर सफाई दी, कहा–मंत्रोच्चार और आरती पर रोक नहीं

 

जम्‍मू–कश्‍मीर। अमरनाथ यात्रा पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) मामले पर सफाई जारी करते हुए कहा है कि अमरनाथ को लेकर आदेश की गलत रिपोर्टिंग की गई है। ट्रिब्यूनल ने सफाई में कहा है कि मंत्रोच्चारण और आरती पर किसी तरह की रोक नहीं लगी है।

एनजीटी से साफ किया है कि सिर्फ शिवलिंग के सामने ही शांति व्‍यवस्‍था बनाए रखनी चाहिए। साथ ही गुफा की सीढ़ियों से पहले लोगों को अपना सामान जमा करना होगा। गुफा में एंट्री के लिए एक कतार में चलना अनिवार्य होगा।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने साफ किया है कि उन्होंने अमरनाथ गुफा को साइलेंट जोन घोषित नहीं किया है। बस तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए कुछ निर्देश दिए गए हैं।

बुधवार को एनजीटी के निर्देश जारी किए जाने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने इसे हिंदुओं का अपमान करार दिया था। साथ ही एनजीटी से आदेश वापस लेने की मांग की गई थी। बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान भक्त भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए जाते हैं। साथ ही कई जगहों पर घंटियां भी बजाते हैं।

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पत्थर गिरने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एनजीटी ने यह कदम उठाया गया है। यही नहीं, आदेश में यात्रियों के मोबाइल फोन पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। वहीं, एनजीटी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि कुछ मंदिरों में बात करने की मनाही है। वहां पर साइलेंस जोन है, जैसे बहाई मंदिर, तिरुपति और अक्षरधाम में।

अमरनाथ में आवाज के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ा

अमरनाथ में ध्वनि के कारण लैंडस्लाइड का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में एनजीटी के अनुसार पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने और इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर-शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए।

एनजीटी में याचिका देने वाले वकील आदित्य सिंघला ने बताया कि एनजीटी ने यह आदेश वहां के इकोलॉजिकल ढांचे को देखते हुए दिए हैं। इससे लैंड स्लाइडिंग की घटनाएं न बढ़े। जब एक साथ सैंकड़ों लोग घंटिया बजाते है या फिर जयकारे लगाते हैं तो वहां के पर्यावरण को नुकसान होता है।

पिछले महीने एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को श्रद्धालुओं को पर्याप्त बुनियादी ढांचा मुहैया न कराने और इस मामले में दिसंबर के पहले हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट न सौंपने को लेकर फटकार लगाई थी। अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाने के बाद ही एनजीटी की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।

एनजीटी ने आदेश में कहा कि श्राइन बोर्ड को यह तय करना चाहिए कि लोग आखिरी चेक पोस्ट से अमरनाथ गुफा तक एक ही लाइन में जाएं। एनजीटी ने कहा कि श्राइन बोर्ड को इस बाबत व्यवस्था करने को कहा है कि यात्री अपना सामान सुरक्षित रूप से रख सके।

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