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रोहिंग्‍या मुसलमानों का शिकार बन रहीं रोहिंग्‍या हिंदू महिलाएं, राहत कैंपों में नमाज पढ़ने को कर रहे मजबूर

रोहिंग्‍या हिंदू महिलाओं का सिंदूर मिटा नमाज पढ़ने को कर रहे मजबूर

म्यांमार में बर्बर और हैवानियत भरी करतूतों की वजह से पलायन होने को मजबूर हुए रोहिंग्‍या मुसलमान भले ही खुद को असहाय और कमजोर दिखा रहे हो, लेकिन उनकी बर्बरता की नई दास्‍तानें भी अब सामने आने लगी हैं।

बांग्लादेश में शरणार्थी कैंपों में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान अब रोहिंग्या हिंदू महिलाओं को ही अपना निशाना बना रहे हैं। खुद को दीन हीन बताने वाले ये रोहिंग्‍या मुसलमान उनका जबरदस्‍ती धर्म परिवर्तन कराने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इन राहत कैंपों में रोहिंग्या मुसलमान हिंदुओं को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

इतना ही नहीं,  ये रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के राहत कैंपों में रह रहीं रोहिंग्या हिंदू महिलाओं के सिंदूर मिटा रहे हैं और उनकी चूड़ियां तोड़ रहे हैं। इसी महीने पूजा से रबिया बनी रोहिंग्या हिंदू महिला ने बताया कि बांग्लादेश राहत कैंपों में रोहिंग्या मुस्लिम हिंदू महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। उसका सिंदूर मिटा दिया गया और चूड़ियां तोड़ दी गईं। रबिया ने बताया कि वह रोहिंग्या हिंदू है और शरण की उम्मीद में म्यांमार से पलायन करके यहां आई थी।

रबिया का कहना है कि उसने जो सोचा था, यहां आने के बाद सब कुछ उल्टा हुआ। उसके हालात बद से बदतर होते चले गए। रबिया ने बताया कि अगस्त में म्यांमार हिंसा में उसके पति की हत्‍या कर दी गई। हालांकि उसके पति को म्यांमार सेना ने नहीं मारा, बल्कि नाकाबपोश आतंकवादियों ने मौत के घाट उतारा है।

ये आतंकवादी उनको धर्म के नाम पर गालियां दे रहे थे। रोहिंग्या हिंदू महिला ने बताया कि उनके सामने पति समेत पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उन्‍हें बंधक बना लिया गया।

रबिया ने बताया, ‘रोहिंग्या मुसलमान मुझे जंगल ले गए और कहा कि मुझको नमाज पढ़नी पड़ेगी। उन्होंने मेरा सिंदूर मिटा दिया और हिंदू धर्म की पहचान वाली चूड़ियां तोड़ दी। साथ ही कहा गया कि अगर मैं जिंदा रहना चाहती हूं, तो धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा।

मुझे जबरन बुर्का पहनाया गया और करीब तीन सप्ताह तक इस्लामिक रीति रिवाज सिखाए गए। मुझे नमाज पढ़ना सिखाया गया। मुझसे अल्लाह कहलवाया गया, जबकि मेरा दिल भगवान के लिए धड़कता है। मेरे पड़ोसियों ने मेरी खोजबीन शुरू की तो उनको पता चला कि मैं मुस्लिम कैंप में रह रही हूं।’

सिर्फ रबिया ही नहीं, सादिया समेत कई महिलाएं रोहिंग्या मुसलमानों के जुल्‍मों सितम का शिकार बन रहे हैं।  रबिया के पास सिर्फ एक ही साड़ी है और गोद में 3 साल के बच्चे के बदन में कपड़े भी नहीं हैं। यही हाल 18 वर्षीय रीका धार से सादिया महिला का है। उसकी गोद में भी एक साल का बच्चा है। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें रोहिंग्या मुसलमानों की ओर से हिंदुओं को निशाना बनाने के मामले सामने आए हैं।

रखाइन में म्‍यांमार सेना की कार्रवाई और उससे रोहिंग्या समुदाय के पलायन को लेकर म्यांमार की सेना और सरकार पूरी दुनिया के निशाने पर है। इस बीच म्यांमार की सेना ने कहा कि रखाइन में रोहिंग्या मुसलमानों ने 45 हिंदुओं की हत्या कर दी है, जिनकी सामूहिक कब्र मिली है।

25 अगस्त को भड़की हिंसा में करीब 100 से ज्यादा हिंदू लापता हो गए थे। माना जा रहा है कि ये इन्हीं हिंदुओं की कब्र हैं। इसके अलावा इस हिंसा में 30 हजार हिंदू और बौद्ध बेघर हुए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इन 30 हजार हिंदू और बौद्ध बेघरों के लिए अब तक किसी ने कोई आवाज नहीं उठाई।

25 अगस्त को 30 पुलिस चौकियों पर हमले के बाद रोहिंग्या मुसलमान पलायन के लिए मजबूर हुए थे। वहीं, म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या आतंकियों पर इस क्रूर अपराध का आरोप लगाया है।

 

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