राष्ट्रीय

मप्र में अतिथि शिक्षकों का ‘नींद हराम आंदोलन’ शुरू

भोपाल, 7 सितंबर (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए गुरुवार को राज्य सरकार के खिलाफ ‘नींद हराम आंदोलन’ के तहत दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू कर दिया है।

प्रदेशभर से भोपाल पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और शोषण करने का आरोप लगाया।

राजधानी के शाहजहानी पार्क में अतिथि शिक्षक संगठन समिति के बैनर तले जमा हुए अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार से दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू किया है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि वह उनसे मजदूरों से भी बुरा बर्ताव करना बंद कर दें, नहीं तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

समिति के प्रदेशाध्यक्ष शंभूचरण दुबे ने कहा कि राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों का आर्थिक, मानसिक शोषण कर रही है, उन्हें 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं, जबकि मजदूर कहीं इससे ज्यादा रकम पाता है। मनरेगा में मजदूर को 173 रुपये मिल रहे हैं, अर्धकुशल को 265 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, वहीं ईमानदारी से शिक्षण कार्य करने वाले को महज सौ रुपये। अतिथि शिक्षकों का परिवार आज भुखमरी की कगार पर है।

दुबे ने कहा है कि अभी राजधानी में दो दिवसीय सत्याग्रह है, जो गांधीवादी है। उसके बाद अतिथि शिक्षक सड़कों पर भी उतरने से नहीं चूकेंगे। उनकी मांग है कि अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए, डीएड और बीएड से मुक्त रखते हुए अनुभव के आधार पर 12 वर्ष की उम्र में छूट दी जाए। नवीनीकरण की प्रक्रिया बंद करने के साथ जिन अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें दोबारा रखा जाए।

समिति के संरक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह ने अतिथि शिक्षकों से अपने हित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। शुक्रवार को भी अतिथि शिक्षकों का सत्याग्रह जारी रहेगा।

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