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भाई-भतीजावाद पर कोई आपत्ति‍ नहीं बल्कि सोचने की…

 मुंबई | अभिनेत्री कंगना रनौत का कहना है कि हिंदी फिल्म उद्योग में लोकतांत्रिक माहौल बन रहा है क्योंकि उनके जैसे लोगों ने भाई-भतीजावाद जैसे मुद्दों पर अपने अवलोकन को खुलकर रखा है। अभिनेत्री ने कुछ समय पहले फिल्मकार करण जौहर को भाई-भतीजावाद का झंडाबरदार बताया था। इससे एक बार फिर यह बहस छिड़ गई कि फिल्म उद्योग में बाहरी कलाकारों (जिनके परिजन पहले से फिल्म जगत में स्थापित नहीं हैं) के लिए काम पाना और अपनी छाप छोड़ना कितना मुश्किल होता है।
फिल्म ‘गैंगस्टर’ के जरिए कंगना को फिल्मी दुनिया में लाने वाले फिल्मकार महेश भट्ट ने भी उनके इस बयान का समर्थन किया है और उन्होंने फिल्म उद्योग को बाहरी कलाकारों के लिए अवरोध लगाने वाला बताया है।
मेलांजे लाइफस्टाइल के लिए कंगना ने यहां मंगलवार को रैंप वॉक किया, इस दौरान उन्होंने इस संबंध में अपने विचार जाहिर किए।  कंगना ने कहा, “इस प्रकार की बहस महत्वपूर्ण है। भाई-भतीजावाद की बात कोई आपत्ति जताने के लिए नहीं कही, बल्कि यह एक अवलोकन है।” अभिनेत्री कहती हैं, “एक व्यक्ति के रूप में यह मेरा विशेषाधिकार है कि मैं उन लोगों के लिए जानकारी छोडूं जो मेरे नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं। मैं उन्हें बताऊं कि मैं कहां गिरी, कहां चली, कहां टिकी और कहां दौड़ी। इसलिए मेरे लिए यह जरूरी है कि मैं अपने अनुभवों के बारे में बात करूं। यह नहीं कहूंगी कि लोगों को वह नहीं करना चाहिए जो वे करना पसंद करते हैं, लेकिन वह करें जो प्रासंगिक है।”
अभिनेत्री ने कहा कि अंग्रेजी नहीं बोलना जानने या किसी मामूली सी जगह पर 10 लोगों के साथ अपार्टमेंट में रहने पर शर्मिदा महसूस नहीं करना चाहिए और न ही इन वजहों से किसी के लिए अवसरों के दरवाजे बंद करने चाहिए।
कंगना ने कहा कि ‘बाहरी’ जैसी कोई चीज नहीं होती। हम सभी सिनेमा के लिए काम कर रहे हैं और अगर कोई किसी और मकसद से काम कर रहा है तो फिर वह जरूर बाहरी है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री का मानना है कि ऐसे मसलों पर अर्थपूर्ण बातचीत जारी रहनी चाहिए।
फिल्म ‘क्वीन’ की अभिनेत्री ने कहा कि उंगली उठाने की बजाय सभी के लिए समाज को लोकतांत्रिक बनाने पर काम करना चाहिए।

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