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रबी दलहन और तिलहन फसलों की बुवाई में भारी कमी, पिछले वर्ष की तुलना में 16 फीसदी घटा रकबा

रबी फसलों की बुआई का पीक सीजन चल रहा है, लेकिन बुवाई के जो आंकड़े आए हैं, उससे जाहिर होता है कि इस साल फसलों की बुवाई की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।

सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक 191.12 लाख हेक्टेयर में ही रबी फसलों की बुवाई हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि के आंकड़े 22.41 लाख हेक्टेयर से 15.95 फीसदी कम है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि, सहकारिता, एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) की रबी सीजन की फसलों की बुवाई के आंकड़ों के अनुसार, गेहूं की बुवाई 51.63 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 54.28 लाख हेक्टेयर से 4.88 फीसदी पीछे है।

दलहनों का रकबा 69.95 लाख हेक्टेयर हो चुका है, जबकि पिछले साल समान अवधि में 85.32 लाख हेक्टेयर में रबी दलहनों की बुवाई हो चुकी थी। इस प्रकार, दलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 25.4 फीसदी घट गया है।

प्रमुख रबी दलहन चना और मसूर का रकबा क्रमश: 50.23 लाख हेक्टेयर और 6.81 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में दोनों फसलों का रकबा क्रमश: 64 लाख हेक्टेयर और 8.58 लाख हेक्टेयर था। चना का रकबा पिछले साल से 21.51 फीसदी पिछड़ा हुआ है, जबकि मसूर का रकबा 20.64 फीसदी घटा है।

मोटे अनाज का रकबा पिछले साल के मुकाबले 45.28 फीसदी कम है। अब तक 16.27 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाजों की बुवाई हुई है।

तिलहनों का रकबा पिछले साल से 5.34 फीसदी घटा है। अब तक 46.85 लाख हेक्टेयर में तिलहनों की बुवाई हुई है। प्रमुख तिलहन फसल सरसों की बुवाई 43.34 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में सरसों का रकबा 44.46 लाख हेक्टेयर था।

मूंगफली का रकबा 1.36 लाख हेक्टेयर है जो पिछले साल के मुकाबले 30.24 फीसदी कम है।

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