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उत्तराखंड में बारिश-ओलावृष्टि का कहर, कृषि एवं उद्यान मंत्री बोले- सरकार किसानों के साथ

देहरादून। उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि से रबी और बागवानी फसलों को 35617 हेक्टेयर भूमि पर नुकसान का आकलन किया गया। इसमें 7403 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून जिले में ज्यादा नुकसान हुआ है। नैनीताल जिले में सब्जी फसलों को 50 प्रतिशत अधिक क्षति पहुंची है।

बृहस्पतिवार को कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से जिला वार नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीघ्र कार्रवाई कर प्रभावित किसानों शीघ्र ही फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

कृषि मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक सर्वे क आधार पर प्रदेश में बारिश और अतिवृष्टि से 35618 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान हुआ है। प्रदेश में 8.22 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शामिल किया गया। औद्यानिक फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 71537 किसानों का फसल का बीमा किया गया। आपदा के मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक क्षति का 7403 हेक्टेयर में हुई है। इसमें 6468 हेक्टेयर सिंचित और 435 हेक्टेयर गैर असिंचित क्षेत्र है। 500 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को नुकसान हुआ है

कृषि मंत्री जोशी ने कहा मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक क्षति का क्षेत्रफल वाले किसानों को आपदा मद में शीघ्र ही मुआवजा दिया जाएगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में किसान के साथ है और जल्द ही सरकार किसानों की फसल नुकसान का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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