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उत्तराखंड: सीएम की कुर्सी के लिए दौड़ शुरू, धामी को फिर सौंपी जा सकती है कमान

उत्तराखंड में मोदी-शाह और नड्डा की तिकड़ी मुख्यमंत्री के चुनाव के मामले में किसी भी चेहरे पर दांव लगाकर सबको चौंका सकती है। यह जानते हुए भाजपा में सीएम की कुर्सी के लिए दौड़ शुरू हो गई है। बेशक सीएम पद के लिए कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है, लेकिन अरमान तकरीबन हर कद्दावर नेता के जोर मार रहे हैं।

नतीजा यह है कि सियासी हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि भाजपा पुष्कर सिंह धामी को ही सत्ता की कमान सौंप सकती है। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव हारने के मिथक को नहीं तोड़ पाए। हालांकि उनके चेहरे पर लड़े गए इस चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत हासिल करने में कामयाब रही। यही तर्क धामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना के पक्ष में गढ़ा जा रहा है।

महाराज और धन सिंह के नामों की चर्चा सीएम पद के लिए सिर्फ धामी का ही नाम गूंज रहा हो, ऐसा नहीं है। नव निर्वाचित विधायकों में से जिन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, उनमें एक नाम वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज हैं। पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल से दूसरी बार चुनाव जीते महाराज गढ़वाल से सांसद रहे हैं और केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। दूसरा नाम श्रीनगर गढ़वाल से चुनाव जीते डॉ. धन सिंह रावत का है। संघ की पृष्ठभूमि के धन सिंह की संगठन में तगड़ी पैंठ मानी जाती है। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के हिसाब से विधायकों में से कुछ और नामों की चर्चा हो रही है।

चर्चाओं में ब्राह्मण चेहरे वरिष्ठ विधायकों में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर मदन कौशिक, गणेश जोशी और सुबोध उनियाल, विनोद चमोली के नामों की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुमाऊं से बंशीधर भगत और अरविंद पांडेय के नाम भी चर्चाओं में है।

ठाकुर चेहरे : पुष्कर सिंह धामी, सतपाल महाराज और धनसिंह के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल के नाम भी चर्चाओं में है।

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