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शादी के बाद महिलाओं को भूल से भी नहीं पहननी चाहिए ये तीन चीज़

जाने अनजाने में हमपर असर डालती हैं कुछ ऐसी चीज़े, जो हम अपने जीवन में उतारते हैं। हम जाने अनजाने में कुछ काम ऐसे कर देते हैं, जिसका असर हमारे जीवन पर पड़ता है। ऐसी ही कुछ बातें है जिन्हें शादी के बाद विवाहित महिलाओं को ध्यान में रखनी चाहिए।

काले रंग की चूड़ी

काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। अपने देखा होगा काले रंग के कपडे पहनकर किसी भी पूजा पाठ में शामिल नहीं होने दिया जाता है। इस रंग की चूड़ी पहनना भी बहुत अशुभ माना जाता है। चूड़ियां एक महिला के श्रंगार का हिस्सा है, ऐसे में काले रंग की चूड़ी धारण करना पति और संतान को परेशानियों में डाल सकता है।

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सफ़ेद रंग की साड़ी

हिन्दू धर्म मे सफ़ेद साड़ी को अशुभ माना जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार जब कोई स्त्री विधवा हो जाती है, तब वह सफेद साड़ी धारण करती है। इसीलिए एक सुहागन स्त्री को कभी भी सफ़ेद साड़ी नहीं पहननी चाहिए। परन्तु आजकल फैशन के चलते कई महिलाये सफ़ेद साड़ी पहनती है, ये सही नहीं है। ऐसा बताया जाता है कि एक सुहागन स्त्री के सफ़ेद साड़ी पहनने से उसके वैवाहिक जीवन में तनाव उत्पन्न होने लगता है।

सोने की बनी पायल

आज के समय में कई महिलाएं सोने की बनी पायल और बिछियां पैरो में पहनने लगी है। लेकिन यह सही नहीं है, सोने को कभी भी पैरो में धारण नहीं करना चाहिए। क्योंकि धन के देवता कुबेर इससे नाराज हो जाते है, सोने के संबंध में मान्यता है कि सोने को सिर्फ कमर से ऊपर के भाग में ही धारण किया जाता है। स्वर्ण को पैरो में धारण करने पर घर में दरिद्रता आने लगती है और महिला के पति की तरक्की भी रुकने लगती है।

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