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साल का पहला ग्रहण कल, जानिए क्यों लगता है चंद्रग्रहण

कल 10 जनवरी को साल का पहला ग्रहण लगने जा रहा है। जी हाँ कल रात में लगने वाला ये चंद्रग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। ये ग्रहण 10 जनवरी की रात 10 बजकर 37 मिनट से शुरू होकर 2 बजकर 42 मिनट तक 11 जनवरी को रहेगा। इस ग्रहण की कुल अवधि करीब 4 घंटे की होगी।

चंद्रमा का आकार नहीं होगा घटते बढ़ते क्रम में

10 जनवरी को लगने वाले ग्रहण के समय चंद्रमा का आकार घटते बढ़ते क्रम में नहीं दिखाई देगा। ग्रहण के समय चंद्रमा पर धूल की परत जैसा बिंब दिखाई देगा। क्योंकि ग्रहण के समय चंद्रमा पर तेज आंधी चल रही होगी।

ग्रहण के पीछे ये है कहानी

ग्रहण की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। एक बार दानवों और देवताओं में समुद्र मंथन से निकले अमृत को लेकर विवाद हो गया। जिसे सुलझाने और अमृत देवताओं को पिलाने के लिए भगवान विष्णु ने एक योजना बनायी। भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लिया और देवताओं को अमृतपान करवाया। उस समय राहु नाम का असुर ने भी देवताओं का वेश धारण करके अमृत पान कर लिया था। चंद्र और सूर्य ने राहु को पहचान लिया और भगवान विष्णु को बता दिया। विष्णुजी ने क्रोधित होकर राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया, क्योंकि अमृत राहु के मुख में जा चुका था इस कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। इस दानव के सिर वाला भाग राहु तो धड़ वाला भाग केतु कहलाया। इस घटना के बाद से राहु चंद्र और सूर्य से बैर रखता है और समय-समय पर इनको ग्रास कर लेता है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण कहते हैं।

साल में पड़ने वालें हैं इतने ग्रहण

साल 2020 में 6 बार ग्रहण पड़ेंगा जिनमें से 2 सूर्य ग्रहण और 4 चंद्रग्रहण पड़ेंगे, जिनमे से एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्रग्रहण भारत में नहीं देखा जाएगा।

 

 

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