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जनता को हो NO PROBLEM, इसके लिए हर अधिकारी बनेगा हाईटेक

जनसामान्य की शिकायतों के निराकरण के लिए बनाए गए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल 1905 के सभी स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर दक्ष किया जा रहा है।

इसी क्रम में प्रदेश के सभी 13 जिलों के L1 स्तर और L2 स्तर के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। L1 स्तर और L2 स्तर के अधिकारियों में विभाग द्वारा चिन्हित किए गए ब्लॉक स्तर और जिले स्तर के अधिकारी सम्मिलित हैं।

हर अधिकारी बनेगा हाईटेक

इस ट्रेनिंग में सभी अधिकारियों को 1905 टोलफ्री नंबर या सीएम हेल्पलाइन पोर्टल cmhelpline.uk.gov.in या मोबाइल एप द्वारा प्राप्त होने वाली शिकायत के सही तरीके और शीघ्र गति और गुणवत्ता के साथ समाधान करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। अधिकारियों को उनके ही जिले में सीएम हेल्पलाइन के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा जिला अधिकारी की उपस्थिति में ट्रेनिंग करवाई जा रही है और अधिकारियों की समस्या का निराकरण भी किया जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुई इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य के 13 जिलों में से 8 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

गढ़वाल मंडल के 02 जिलों देहरादून और हरिद्वार और कुमाऊं मंडल के सभी 6 जिलों उधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत जिले में सीएम हेल्पलाइन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की यह प्रेक्टिकल ट्रेनिंग पूर्ण हो चुकी है। जल्द ही गढ़वाल मंडल के शेष 5 जिलों में भी यह ट्रेनिंग दी जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत कुल 3500 अधिकारियों में से अभी तक 1856 अधिकारियों को उनके जिले में आई०टी० विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। अधिकारियों की बेहतर मानीटरिंग के लिए जिला अधिकारी को सीएम हेल्पलाइन का डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर बनाया गया है व मंडलायुक्त को मंडल का एडमिनिस्ट्रेटर बनाया गया है। इससे जिला अधिकारी प्रत्येक दिन किसी भी समय अपने जिले के और गढ़वाल और कुमाऊं कमिश्नर अपने मंड़ल के सभी विभागों में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज हो रही शिकायतों की कार्यवाही पर नजर रख सकेंगे।

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