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वर्ष 2018-19 में सफलताओं को छूता उत्तराखंड, आर्थिक सर्वेक्षण में दिखा राज्य का विकास

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया है।

उन्होंने कहा है कि यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर गतिमान उत्तराखण्ड की तस्वीर पेश करता है। राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। उड़ान योजना से कुॅमाऊ-गढ़वाल के मध्य हवाई सेवा शुरू हुई है जिससे कम समय में और सस्ती दरों में हवाई सफर किया जा सकता है, साथ ही सौभाग्य योजना के तहत राज्य के विद्युतविहीन लगभग 2 लाख से ज्यादा परिवारों को विद्युतीकरण की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। रोड, रेल एवं रोपवे में तेजी से हो रहे कार्य के चलते विकास दर में गुणवत्ता देखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उद्देश्य से किए गए डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड के प्रभावी नतीजे आने शुरू हो गए हैं। जहां पिछले 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ के आसपास कुल निवेश उत्तराखण्ड में आया है, वहीं पिछले 6-7 महिनों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश पर कार्य शुरू हो गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण

उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन के क्षेत्र में लिए गए फैसलों ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। टिहरी वाटर स्पोर्टस का हब बन गया है, जबकि ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर में उभरता गंतव्य बन रहा है।

13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से उत्तराखण्ड के विकास में यह फैसला एक क्रान्तिकारी फैसले के रूप में जाना जायेगा। हमारे प्रयासों के चलते गत वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना गेम चैंजर साबित हो रही है, जिससे आज गुणवत्ता युक्त इलाज निःशुल्क दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिये टेली मेडिसीन व टेली रेडियोलाॅजी प्रारम्भ की गई है।

आर्थिक सर्वेक्षण
उत्तराखंड भारत सरकार के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 11वां स्थान पर है। फोटो – गूगल

मुख्यमंत्री ने कहा,” प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह का लाभ भी इस राज्य को प्राप्त हो रहा है। ऑल वैदर रोड एवं चारधाम रेल परियोजना से उत्तराखण्ड विकास के नये स्तर पर पहुंच रहा है। सेतु भारतम योजना के तहत काशीपुर में दो आरओबी का निर्माण हो रहा है। अटल सेतु एवं इं. विश्वेश्वरैय्या से देहरादून आगमन आसान हुआ है एवं अजबपुर फ्लाईओवर के निर्माण के बाद और भी आसान हो जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एनसीआरटी की पुस्तकों को लागू करना अभिभावकों को राहत प्रदान करने वाला फैसला रहा है। व्यवस्थागत सुधारों के चलते निवेश हेतु बेहतर माॅहोल बनाने से दुनिया भर के उद्योगपतियों ने उत्तराखण्ड का रूख किया है। समाजिक प्रगति सूचकांक में उत्तराखण्ड 64.23 अंक के साथ केरल, हिमाचल प्रदेश तथा तमिलनाडु के बाद शीर्ष चौथे स्थान पर है एवं इसका स्कोर अखिल भारतीय औसत से ऊपर है। किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक 528.47 लाख की धनराशि व्यय कर 15,374 किसानों को लाभान्वित किया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक 2.66 लाख गरीब परिवारो को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि जिन परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त नही हो पा रहा था तथा ऐसे परिवारों को राज्य सरकार अपने स्तर से निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसम्बर तक इस योजना में 7267 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का आइना बताते हुए कहा कि राज्य की विकास दर में वर्ष 2017-18 में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई जबकि वर्ष 2018-19 में इसमें 7.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद रूपए 2,14,933 करोड़ आकलित था, जिसकी तुलना में वर्ष 2018-19 में यह 2,37,147 करोड़ रहने का अनुमान है। यही नहीं वर्ष 2017-18 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय रूपए 1,74,622 आंकी गई थी जबकि वर्ष 2018-19 में यह 1,90,284 अनुमानित है।

वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 35,660 करोड़ रूपए है जो कि वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार रूपए 29,783 करोड़ हो गयी है जो 19.73 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सितम्बर, 2018 तक राज्य में बैंकों द्वारा 55,759 नए सूक्ष्म उद्यमियों को रूपए 906.07 करोड़ का नया ऋण स्वीकृत किया गया है।

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